फिल्म स्टार अभिनेता राजेश खन्ना की जीवनी – राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसम्बर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था | राजेश खन्ना का बचपन का नाम जतिन खन्ना था | राजेश खन्ना के पिता का नाम लाला हीरानन्द खन्ना और चन्द्रनी खन्ना था लेकिन उनका पालन-पोषण चुन्नीलाल खन्ना और लीलावती खन्ना ने किया था जिन्होंने राजेश खन्ना को गोद लिया था |

लाला हीरानंद वर्तमान पाकिस्तान के बुरेवाला में उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे | उनको गोद लेने वाले माता-पिता का परिवार 1935 में लाहोर से बॉम्बे आया था जो मुम्बई में गिरगांव के पास ठाकुरदार में सरस्वती निवास में रहते थे |

मुम्बई में St. Sebastian’s Goan High School में अपने दोस्त रवि कपूर के साथ स्कूली शिक्षा पुरी की जो बाद में जीतेंद्र के नाम से मशहूर हुए | अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों से राजेश खन्ना को अभिनय में रूचि थी और अक्सर स्टेज और थिएटर में भाग लिया करते थे |

राजेश खन्ना को कॉलेज के ड्रामा कम्पटीशन में कई पुरुस्कार भी मिले | 1962 में राजेश खन्ना ने अंध युग नामक नाटक में एक जख्मी गूंगे सैनिक का किरदार निभाया था जिसको देखने आये मुख्य अथिति ने उन्हें फिल्मो में अभिनय करने का सुझाव दिया था |

1959 से 1961 तक पुणे के Nowrosjee Wadia College में पहले दो साल तक BA किया था और उसके बाद के.सी.कॉलेज से बाकी पढाई पुरी की | खन्ना के चाचा केके तलवार ने उनको फिल्म में प्रवेश लेने के लिए नाम बदलने के लिए कहा जिस कारण उन्होंने अपना नाम जतिन से बदलकर राजेश कर दिया था | उनके दोस्त और उनकी पत्नी उन्हें काका कहकर पुकारती थी |

राजेश खन्ना का फिल्मी करियर

1965 में हुए All India Talent Contest में शामिल दस हजार से भी ज्यादा कंटेस्टेंट में राजेश खन्ना को आठ अंतिम सूची में चुना गया था | राजेश खन्ना ने वो कंटेस्ट जीत लिया था | इस कांटेस्ट में बी.आर.चोपड़ा से लेकर बिमल रॉय जैसे उस दौर के महान फिल्मकार जज थे |

इसके बाद 1966 में आखिरी खत फिल्म के जरिये राजेश खन्ना में फिल्मो में प्रवेश किया जिसका निर्देशन चेतन आनदं में किया था | कांटेस्ट जीतने के बाद जी.पी.सिप्पी और नासिर हुसैन ने सबसे पहले उनको फिल्मो के लिए साइन किया था | हालांकि आखिरी खत उनकी पहली फिल्म थी लेकिन “राज” फिल्म के जरिये उनको अभिनय में विश्वास दिलाया था |

इसके बाद राजेश खन्ना ने बहारो के सपने , औरत , डोली , आराधना और इतेफ्फक जैसी फिल्मो के जरिये अपने अभिनय की छाप छोडी | आराधाना फिल्म में उनके अभिनय को देखते हुए क्रिटिक उनको इंडिया का पहला सुपरस्टार बुलाने लगे थे |

1971 में हाथी मेरे साथी उस साल की सबसे ज्यादा कमाऊ फिल्म बनी | 1969 से लगातार बॉक्स ऑफिस पर 17 हिट फिल्मे देने के बाद 1971 में बदनाम फरिश्ते उनकी पहली फ्लॉप फिल्म थी | 1972 में उनकी 10 फिल्म आयी जिसमे 9 सफल रही |

उनकी दुश्मन , अमर प्रेम , अपना देश और मेरे जीवन साथी ने मिलकर पांच करोड़ से ज्यादा पैसा कमाया था | 1972 में दिल दौलत दुनिया , बावर्ची , जोरू का गुलाम और शहजादा ने 4.5 करोड़ से ज्यादा पैसा कमाया था |

राजेश खन्ना ने मुमताज के साथ आठ फिल्मे की | वो दोनों पड़ोसी भी थे इसलिए स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री काफी अच्छी दिखाई देती थी | अपने करियर की चरम सीमा पर उनके पीछे उनके प्रसंशको की भीड़ लगी रहती थी और कई फीमेल फेन खून से खत लिखकर भेजती थी |

उनके बंगले के बाहर निर्माताओ और प्रशंसको की भीड़ रोज लगी रहती थी | 1970 के दशक में राजेश खन्ना के लिए अधिकतर गाने किशोर कुमार की आवाज में थे जिसकी वजह से उनको स्टार बनने में काफी सहायता मिली थी | 1970 के दशक में उनकी केमिस्ट्री शर्मिला टैगोर , मुमताज , आशा पारेख ,जीनत अमान ,तनुजा और हेमा मालिनी के साथ काफी रही |

1972 में BBC ने Bombay Superstar के नाम से राजेश खन्ना पर आधारित फिल्म बनाई थी | राजेश खन्ना की फिल्मो में सबसे बड़ा आकर्षण उनकी फिल्मो का म्यूजिक था जिसकी वजह से वो हमेशा ख्याति में रहते थे |

इसका मुख्य कारण था कि खन्ना म्यूजिक सेशन के दौरान उस दौर के मशहूर संगीतकारों कल्याणजी आनन्दजी , आर,डी.बर्मन , शंकर जयकिशन , लक्ष्मीकांत प्यारेलाल , बप्पी लहरी आदि के साथ गीतों को गुनगुनाते रहते थे | | राजेश खन्ना , किशोर कुमार और आर.डी.बर्मन तीनो ने जिस फिल्म में अपनी कला का प्रदर्शन साथ किया वो फिल्म हिट रही |

1976 से 1978 के बीच में राजेश खन्ना ने 14 फिल्मो में काम किया जिसमे से केवल पांच ही बॉक्स ऑफिस हिट रही | हालांकि इन असफल फिल्मो में सात फिल्मो को क्रिटिक ने खूब सराहा जिसमे महबूबा , बंडलबाज , त्याग , पलको की छाव में , नौकरी , चक्रव्यूह और जनता हवलदार जैसी फिल्मे थी |

1977 में छल्या बाबू ने फिर से उनके करियर को बढत दी | सत्यम शिवम सुन्दरम के लिए राजकपूर की पहली पसंद राजेश खन्ना थे लेकिन शशि कपूर को यह फिल्म मिली | हालंकि राजकपूर ने नौकरी फिल्म में राजेश खन्ना के साथ काम किया |

1991 से लेकर 1996 तक राजेश खन्ना ने कांग्रेस M.P. के तौर पर काम किया | 1992 के बाद राजेश खन्ना ने केवल 10 फिल्मे की अरु अधिकतर फिल्म ऑफर ठुकरा दिए थे | 1999 में आयी फिल्म आ अब लौट चले और “क्या दिलं ने कहा “में NRI का किरदार निभाकर फिर से उन्होंने फिल्मो में कमबैक किया था |

1996 में सौतेला भाई , 2001 में प्यार जिन्दगी है , 2009 में काश मेरे होते , 2008 में वफा और 2010 में रियासत फिल्म में उन्होंने सोलो लीड रोल में काम किया लेकिन कोई भी फिल्म सफल नही हुयी | 2000 से 2009 के बीच उन्होंने चार टीवी सीरियल में भी काम किया था |

राजेश खन्ना का निजी जीवन

60 और 70 के दशक में राजेश खन्ना को अभिनेत्री अंजू महेन्द्रू से प्यार हो गया था और दोनों साथ साल तक रिलेशनशिप में भी रहे थे लेकिन राजेश खन्ना के स्टारडम की वजह से उनका ब्रेकअप हो गया था | इसके बाद खन्ना ने मार्च 1973 को डिम्पल कपाडिया से शादी की जिनकी डेब्यू फिल्म बॉबी रिलीज़ होने वाली थी |

राजेश खन्ना और डिंपल कपाडिया के दो बेटिया ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हुयी | राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया दोनों 1984 एक दुसरे से अलग हो गये थे हालांकि उन्होंने तलाक नही दिया था | उनके अलग होने का मुख्य कारण था की डिंपल कपाड़िया फिर से फिल्मो में काम करना चाहती थी लेकिन राजेश खन्ना इसके लिए मना कर रहे थे |

80 के दशक में राजेश खन्ना का अफेयर टीना मुनीम के साथ रहा जिन्होंने उनके साथ 11 फिल्मे की थी लेकिन 1987 में टीना मुनीम के साथ उनका रिलेशनशिप खत्म हो गया क्योंकि राजेश खन्ना ने शादी के लिए टीना मुनीम को मना कर दिया था |

टीना मुनीम स्कूल के दिनों से राजेश खन्ना की फेन थी | राजेश खन्ना की बड़ी बेटी ट्विंकल खन्ना ने कई फिल्मो में काम किया और अभी इंटीरियर डेकोरेटर है | ट्विंकल खन्ना की शादी अभिनेता अक्षय कुमार के साथ हुए | राजेश खन्ना की छोटी बेटी रिंकी खन्ना भी फिल्म अभिनेत्री थी जिनका विवाह लन्दन बिज़नसमें समीर सरन के साथ हुयी |

राजेश खन्ना के अंतिम दिन

जून 2012 में यह खबर आयी कि राजेश खन्ना की हालत खराब हो रही है | 23 जून को स्वास्थ्य कारणों से उन्हें मुम्बई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया | 8 जुलाई क उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गयी और उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया गया |

लेकिन 14 जुलाई को उन्हें फिर लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया और 16 जुलाई को छुट्टी दे दी | 18 जुलाई 2002 को उनके बंगले आशीर्वाद में राजेश खन्ना ने अंतिम साँस ली | उनकी मृत्यु के बाद पता चला कि जुलाई 2011 में वो कैंसर से झुझ रहे थे |

19 जुलाई को राजेश खन्ना का दाह संस्कार हुआ और उनके अंतिम विदाई में 9 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए | इस तरह एक सुपरस्टार इस दुनिया से चला गया जिसकी भरपाई कोई नही कर पाया |

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Categories: Biography

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